विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान 2026: 2003 की मतदाता सूची में नाम न होने वालों को बड़ी राहत
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान 2026 के तहत उन मतदाताओं को बड़ी राहत दी गई है, जिनका नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में शामिल नहीं है और जिनकी मैपिंग नहीं हो पाई थी। अब ऐसे मतदाताओं को जारी No Mapping Notice के मामलों में सुनवाई प्रक्रिया को आसान, सुलभ और ऑनलाइन बना दिया गया है।
SIR अभियान 2026 क्या है?
Special Intensive Revision (SIR) भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित एक विशेष प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे।
यह अभियान निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम-1960 के नियम-18 के अंतर्गत चलाया जा रहा है।
तीन नवंबर से इसकी शुरुआत हुई थी और 6 जनवरी को विधानसभावार प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया।
2003 की मतदाता सूची से मैपिंग न होने पर क्या समस्या आई?
जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र में दिए गए विवरण के अनुसार उनकी मैपिंग 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो पाई, उन्हें क्रमबद्ध रूप से No Mapping Notice जारी की जा रही है।
पहले ऐसे मामलों में मतदाता को व्यक्तिगत रूप से एसडीएम या तहसीलदार के समक्ष उपस्थित होना पड़ता था, जिससे बुजुर्गों और असमर्थ व्यक्तियों को परेशानी होती थी।
अब मिली बड़ी राहत – व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट
भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सुनवाई प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है।
अब:
मतदाता को ERO/AERO के समक्ष स्वयं उपस्थित होना अनिवार्य नहीं
मतदाता अपने हस्ताक्षर या अंगूठे के निशान के साथ लिखित अनुमति देकर
अपने घर के किसी अन्य सदस्य को प्रतिनिधि के रूप में भेज सकता है
यह सुविधा बुजुर्ग, बीमार एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले मतदाताओं के लिए बेहद लाभकारी है
घर बैठे एक क्लिक पर दूर होगी समस्या
अब मतदाता घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से अपनी समस्या का समाधान कर सकते हैं।
👉 आधिकारिक वेबसाइट: https://voters.eci.gov.in
यहाँ से मतदाता:
No Mapping Notice की जानकारी देख सकते हैं
ऑनलाइन नोटिस का जवाब दे सकते हैं
आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं
इसके अलावा बीएलओ (BLO) के माध्यम से भी नोटिस देने की सुविधा उपलब्ध है।
ऑनलाइन No Mapping Notice का जवाब कैसे दें? (Step-by-Step)
voters.eci.gov.in पर लॉगिन करें
SIR-2026 विकल्प चुनें
Submit documents against notice issue पर क्लिक करें
अपना Voter ID / EPIC Number दर्ज करें
यदि नोटिस जारी हुई है तो नया पेज खुलेगा
EPIC नंबर या नोटिस नंबर भरें
निर्धारित दस्तावेज अपलोड कर सबमिट करें
जन्म तिथि के अनुसार दस्तावेज जमा करने के नियम
1️⃣ 1 जुलाई 1987 से पूर्व जन्म
केवल स्वयं से संबंधित अभिलेख जमा करना होगा
2️⃣ 1 जुलाई 1987 के बाद एवं 2 दिसंबर 2004 से पहले जन्म
स्वयं का अभिलेख
माता एवं पिता में से किसी एक का अभिलेख
3️⃣ 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्म
स्वयं का अभिलेख
माता और पिता दोनों के अभिलेख
👉 जन्म तिथि और जन्म स्थान के प्रमाण हेतु 13 में से कोई एक मान्य दस्तावेज प्रस्तुत किया जा सकता है।
भारत निर्वाचन आयोग का स्पष्ट उद्देश्य
भारत निर्वाचन आयोग का उद्देश्य है कि:
कोई भी पात्र मतदाता छूटे नहीं
मतदाता सूची त्रुटिरहित हो
प्रक्रिया सरल, सुलभ और समावेशी बने
इसी उद्देश्य से SIR अभियान 2026 के तहत यह महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
निष्कर्ष
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान 2026 के तहत चुनाव आयोग का यह निर्णय मतदाताओं के हित में एक बड़ा कदम है। ऑनलाइन सुविधा, प्रतिनिधि भेजने की अनुमति और दस्तावेजों में लचीलापन—इन सभी प्रयासों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया और अधिक मजबूत होगी।
FAQs
Q1. No Mapping Notice क्या है?
जब मतदाता का रिकॉर्ड 2003 की मतदाता सूची से मेल नहीं खाता, तब यह नोटिस जारी की जाती है।
Q2. क्या अब व्यक्तिगत रूप से पेश होना जरूरी है?
नहीं, अब प्रतिनिधि भेजने या ऑनलाइन जवाब देने की सुविधा उपलब्ध है।
Q3. ऑनलाइन दस्तावेज कहाँ जमा करें?
voters.eci.gov.in वेबसाइट पर।
Q4. कितने दस्तावेज मान्य हैं?
कुल 13 मान्य अभिलेखों में से कोई एक।
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